top of page

आरबीआई ने रेपो रेट में 0.50% की बढ़ोतरी की

आरबीआई ने रेपो रेट में की | बढ़ोतरी आरबीआई ने रेपो रेट 50 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ाकर 5.40 फीसदी से 5.90 फीसदी कर दिया है।


भारतीय रिज़र्व बैंक के रेपो का उपयोग:


भारत में, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति को बढ़ाने या घटाने के लिए रेपो और रिवर्स रेपो का उपयोग करता है। आरबीआई जिस दर पर वाणिज्यिक बैंकों को कर्ज देता है उसे रेपो दर कहा जाता है। मुद्रास्फीति के मामले में, आरबीआई रेपो दर में वृद्धि कर सकता है, इस प्रकार बैंकों को उधार लेने के लिए हतोत्साहित कर सकता है और अर्थव्यवस्था में धन की आपूर्ति को कम कर सकता है। सितंबर 2020 तक आरबीआई रेपो रेट 4.00% और रिवर्स रेपो रेट 3.35% निर्धारित है।


आरबीआई रेपो रेट में बढ़ोतरी

फेस्टिव टाइम सीजन में होम लोन से लेकर कार लोन और एजुकेशन लोन की ईएमआई ज्यादा महंगी हो गई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने लगातार चौथी बार रेपो रेट बढ़ाने का फैसला किया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट 50 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ाकर 5.40 फीसदी से 5.90 फीसदी कर दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर श्री शक्तिकांत दास ने आरबीआई मौद्रिक नीति बैठक के बाद यह घोषणा की है। यानी अब पांच महीने में 1.90 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। (मई 2022 - सितंबर 2022) .

महंगाई बढ़ने से लिया गया फैसला:

9 जून 2022 तक की दरें

अगस्त 2022 तक की दरें

30 सितंबर 2022 तक की दरें









4 दृश्य0 टिप्पणी

हाल ही के पोस्ट्स

सभी देखें

Comentários


bottom of page